उत्पाद को जाँचे जाने वाले हिस्सों में विभाजित करके देखें
वस्तु का आधार, बाहरी आवरण, जड़े गए हिस्से और लेप अलग हो सकते हैं। विवरण में यह बताना महत्वपूर्ण है कि सामग्री की उत्पत्ति का निष्कर्ष किस हिस्से से संबंधित है। किसी छोटे उपलब्ध हिस्से की जाँच हमेशा उत्पाद के सभी भागों की विशेषता नहीं बता सकती।
किन सीमाओं का उल्लेख करना चाहिए
अत्यधिक प्रसंस्करण, रंगना, पुनरुद्धार या घिसावट आवश्यक लक्षणों को छिपा सकते हैं। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त विधियों की उपलब्धता और वस्तु पर क्रिया की स्वीकार्यता पर चर्चा की जाती है। केवल बिल या विज्ञापन विवरण में दिए होने के कारण सटीक प्रजाति का दावा नहीं किया जाना चाहिए।
- जाँचे गए हिस्से की पहचान कैसे की गई है?
- पहचान के कौन से लक्षण वास्तव में उपलब्ध हैं?
- पहचान किस स्तर तक उचित आधार पर की गई है?
- क्या सामग्री की उत्पत्ति और संचलन की वैधता पर अलग-अलग विचार किया गया है?
प्रारंभिक फ़ोटो उद्देश्य पर सहमति में सहायता करती हैं, लेकिन जाँच की संभावना का निर्णय वस्तु की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाता है। नमूना लेने से पहले विधि और वस्तु में बदलाव के आधार तय करना आवश्यक है।
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